विचारों की शक्ति

 

सदियों पहले बुद्ध ने कहा,”हम जो भी है अपने पुराने विचारों के कारण हैं। अधिकतर लोग अपनी वर्तमान परिस्थितियों की ओर देखकर कहते हैं, “यह मैं हूँ।” यह आप नहीं हैं। यह तो आप थे। उदाहरण के लिए मान लें कि आपके सम्बन्ध या स्वास्थ्य वैसे नहीं है जैसे आप चाहते हैं। यह आपका वर्तमान स्वरूप नहीं है यह आपके पुराने कृत्यों और विचारों का परिणाम है। हम निरन्तर अतीत के विचारों और कृत्यों के परिणामों के साथ जीते रहे हैं।

 

जब कभी भी हम अपने वर्तमान की तरफ देखते हैं और उससे खुद को जोड़ते हैं या परिभाषित करते हैं तो हम खुद को एक तरह से एक शाप दे रहे हैं कि भविष्य में हालत बेहतर नहीं होंगे। – अगर आप अपनी परिस्थितियों को बदलना चाहते हैं तो पहले आपको अपनी सोच बदलनी होगी हर बार जब आप अपनी डाक देखकर उसके भीतर बिजली, पानी या टैक्स के बिल निकलने की आशंका करने लगते है तो अन्तत: क्या होता है-उसमें से बिल निकल ही आता है। परन्तु प्रतिदिन आप बिल आने की दहशत में जीते हैं, पल-पल अपने को प्रताड़ित करते हैं। आप कभी किसी अच्छी वस्तु की सोच या उम्मीद नहीं करते आप कर्ज के बारे में सोच रहे है, कर्ज की उम्मीद कर रहे हैं, आप सोच कर देखना आपको कर्ज ही मिलेगा हर दिन आप अपने विचार की पुष्टि करते है। क्या कर्ज वहीं पर होगा? हाँ कर्ज वहाँ पर है। क्या कर्ज आने वाला है? हाँ कर्ज आने वाला हैं। क्यों? क्योंकि आप कर्ज के विचारों से परिपूर्ण हैं और कर्ज के बारे में आशंकित है। इसलिए वह सामने आ गया क्योंकि आकर्षण का नियम हमेशा आपके विचारों का आज्ञाकारी सेवक होता है। आज आपको एक रहस्य बताता हूँ-खुद पर एहसान करें- बिल की नहीं चैक की उम्मीद करें। – उम्मीद एक प्रबल आकर्षण शक्ति है। मैं आपको कहना और समझाना चाहता हूँकि, इच्छा आपको इच्छित वस्तु से जोड़ती है और उम्मीद उसे आपकी ओर खींच लाती है।

 

अत: उन चीजों की उम्मीद करें, जिन्हें आप चाहते है। उन चीजों की उम्मीद न करें जिन्हें आप नहीं चाहते। आप इस समय किस चीज की उम्मीद कर रहे है? जिसकी भी कर रहे हैं उसे एक कागज पर लिखकर जेब में रख लें और निरन्तर उसके बारे में सोचते रहें वह चीज आपकी हो जाएगी। महान शिक्षक नेविल गोदार ने 1954 में अपने एक भाषण जिसका शीर्षक था,’द पुनिंज शियर्स आफ रिवीज़न” नेविल कहते है हर रात सोने से पहले आप दिन-भर की धारणाओं के बारे में सोचें! अगर कोई धारणा या पल आपके मनचाहे ढंग से नहीं हुआ था तो आप उसकी मनचाही कल्पना अपने दिमाग में फीड कर ले और दोहराते चले जाएं।

 

जब आप अपने दिमाग में अपनी मनचाहे ढंग की घटनाओं को दोहराते हैं तो आप उस दिन की फ्रीक्वेन्सी को साफ करते हैं और आने वाले कल के लिए एक नया संकेत, नयी दिशा, नये हालात और नई फ्रीक्वेन्सी भेजते हैं। अपनी सजगता से अपने लिए आप अपने भविष्य की नई तस्वीर बना सकते हैं। – महान लेखक एलफ्रेड टैनिसन जब भी कभी जीवन में मुश्किल में होता तो, ‘टैनिसन, टैनिसन’ ही दोहराता और उसकी मुश्किल दूर हो जाती है। बच्चे जब अंधेरे में जाने से डरते हैं तो माँ उन्हें हनुमान जी, हनुमान जी दोहराने को कहती है और बच्चा अंधेरे से होकर भी आ जाता है।’ महर्षि बाल्मीकि राम राम में से भी मरा-मरा को राम.राम. की धुन निकाल गए क्योंकि विचारों में राम थे। अभिप्राय यह है कि आप कभी भी किसी भी समय अपने जीवन की तस्वीर बदल सकते है। इसके लिए कभी भी ज्यादा देर नहीं होती | अभी शुरू करें आपका जीवन खुशियों से भर उठेगा |जय बाबा मस्तनाथ,बाबा आपका शुभ करें|

महंत चाँद नाथ योगी, मठ अस्थल बोहर रोहतक

 

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