रुद्राक्ष की माला कैसे बनायें

रुद्राक्ष चाहे कितने ही मुख वाला हो, सामर्थ्यानुसार सोने अथवा चाँदी की छतरी से जुड़वा कर स्वर्णकार से उसका सुन्दर सा आकार बनवा लें। रुद्राक्ष के दानों के दोनों ओर शुद्ध मूंगे के मनके भी पहने जाते हैं। सबसे सस्ता और सरल तरीका ये है कि सूती धागा बटकर उसे मजबूत बना लें और उसमें पिरोकर रुद्राक्ष पहनें। कुछ लोग लाल-नीले रंगों के धागों से पिरोकर माला पहनते हैं लेकिन ये राशि के अनुसार रंग धारण करना होता है। सफेद व पीला रंग सभी के लिए कल्याण देने वाला है।

चाँदी अथवा सोने की जंजीर में लाकेट बनाकर भी रुद्राक्ष पहना जाता है। एक मुखी रुद्राक्ष प्लेटीनम या पंचधातु को जंजीर में पिरोकर पहनना सर्वोत्तम है। रुद्राक्ष पहनने वाले इस बात का विशेष ध्यान रखें कि रुद्राक्ष का दाना गले में इतना नीचा हो कि छाती को स्पर्श करता रहे, इसके विशेष लाभ हैं।

हृदय को स्पर्श करने वाले रुद्राक्ष, हृदयरोग, हृदय कम्पन, शूल, ब्लडप्रेशर, हृदय धड़कना आदि में विशेष प्रभावकारी रहते हैं। रुद्राक्ष को विधि पूर्वक धारण करने वाले को भूत-प्रेत बाधा नहीं होती।

 

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