Religious

16
Sep

रुद्राक्ष की माला कैसे बनायें

रुद्राक्ष चाहे कितने ही मुख वाला हो, सामर्थ्यानुसार सोने अथवा चाँदी की छतरी से जुड़वा कर स्वर्णकार से उसका सुन्दर सा आकार बनवा लें। रुद्राक्ष के दानों के दोनों ओर शुद्ध मूंगे के मनके भी पहने जाते हैं। सबसे सस्ता और सरल तरीका ये है कि सूती धागा बटकर उसे मजबूत बना लें और उसमें पिरोकर रुद्राक्ष पहनें। कुछ लोग

Read more

16
Sep

रुद्राक्ष खरीदते समय सावधानियां एवं धारण विधि

रुद्राक्ष खरीदते समय सावधानियां एवं धारण विधि   रुद्राक्ष आध्यात्मिक दृष्टि से जितना मूल्यवान है, उतना भौतिक दृष्टिकोण से नहीं फिर भी रुद्राक्ष खरीदते समय जो सामान्य जानकारी ग्राहक को होनी चाहिए उसकी चर्चा भी आवश्यक है। रुद्राक्ष खरीदते समय जब दुकानदार ८-१० रु° से लेकर ४००-५०० रु० तक की माला ग्राहक के सामने रखता है तो निश्चित ही खरीददार

Read more

16
Sep

गौरी शंकर रुद्राक्ष के फायदे व धारण विधि

गौरी शंकर  और त्रिजुगी  सब प्रकार के रुद्राक्षों के अलावा कुछ रुद्राक्ष प्राकृतिक रूप से आपस में जुड़े होते हैं (जैसे जुड़वां केला आपने अवश्य देखा होगा) ये जुड़वां रुद्राक्ष भी वृक्ष पर ही होते हैं। अत: इस प्रकार से दो रुद्राक्ष जो जुड़वां उत्पन्न होते हैं उन्हें गौरी शंकर कहते हैं। इसी प्रकार यदि तीन रुद्राक्ष एक साथ जुड़े

Read more

14
Sep

आगे बढ़ना ही जीवन है

बाबा जी  का एक भक्त  कहीं जाने के लिए तैयार था। किन्तु रात्रि हो चुकी थी। बाबाजी के शिष्य ने उस भक्त से पूछा-भक्त! कहां जा रहे हो? वह बोला-दूसरे गाँव में मेरी माँ रहती है। वहीं जाना है। घनी रात्रि होने के कारण बाबाजी ने उस भक्त से कहा-यहाँ से लालटेन लेते जाओ।इसके प्रकाश में तुम ठीक से मार्ग

Read more

12
Sep

समर्पण का वास्तविक अर्थ

समर्पण का वास्तविक अर्थ है शुद्ध के प्रति मन में कोई सन्देह न रहे। गुरु के श्रीमुख से जो भी आदेश निकले उससे पूर्व शिष्य समझ जाये और उस कार्य को पूरा कर  दे | यदि हमने गुरु से तर्क वितर्क किया तो हम शिष्यता की भावभूमि से परे हट जाते हैं। जो सेवा नहीं कर सकता, वह समर्पण भी

Read more

11
Sep

विचारों की शक्ति

  सदियों पहले बुद्ध ने कहा,”हम जो भी है अपने पुराने विचारों के कारण हैं। अधिकतर लोग अपनी वर्तमान परिस्थितियों की ओर देखकर कहते हैं, “यह मैं हूँ।” यह आप नहीं हैं। यह तो आप थे। उदाहरण के लिए मान लें कि आपके सम्बन्ध या स्वास्थ्य वैसे नहीं है जैसे आप चाहते हैं। यह आपका वर्तमान स्वरूप नहीं है यह

Read more

5
Aug

RAKSHA BANDHAN

RAKSHA BANDHAN RAKSHA BANDHAN is called Avani Avittam in South India. This falls on the full moon day of the month of Sravan (August-September). It is an important Hindu festival. Hindus wear a new holy thread and offer libations of water to the ancient Rishis on this day.   Recitation of the Vedas on this great day is highly beneficial.

Read more

27
Jul

PRAYERS FOR ALL OCCASIONS

PRAYERS FOR ALL OCCASIONS Devotees and followers of Sri Gurudev Sivananda in South Africa and elsewhere, follow Gurudev’s invariable custom of commencing all functions with the following invocatory Kirtans, and concluding them with the peace chants that follow. Invocatory Kirtans Jaya Ganesha Jaya Ganesha Jaya Ganesha paahimaam Sri Ganesha Sri Ganesha Sri Ganesha rakshamaam Jaya Saraswati Jaya Saraswati Jaya Saraswati

Read more

27
Jul

DURGA PUJA OR NAVARATRI PUJA

DURGA PUJA OR NAVARATRI PUJA   SALUTATIONS to the Divine Mother, Durga, who exists in all beings in the form of intelligence, mercy, beauty, who is the consort of Lord Shiva, who creates, sustains and destroys the universe.   This festival is observed twice a year, once in the month of Chaitra and then in Aswayuja. It lasts for nine

Read more

27
Jul

DEEPAVALI FESTIVAL

(((((DEEPAVALI))))))   DEEPAVALI or Diwali means “a row of lights”. It falls on the last two days of the dark half of Kartik (October-November). For some it is a three-day festival. It commences with the Dhan-Teras, on the 13th day of the dark half of Kartik, followed the next day by the Narak Chaudas, the 14th day, and by Deepavali

Read more